What is Computer in Hindi कंप्यूटर क्या है इसकी पूरी जानकारी

What is computer in hindi, Computer Full फॉर्म, कंप्यूटर का इतिहास, कम्प्यूटर की कितनी पीढियां है ?, कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है ? और कंप्यूटर की परिभाषा क्या होती है ? कि पूरी जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी।
Full information about computer in hindi, कंप्यूटर की पूरी जानकारी हिंदी में

आज हम सब लोगो के घर, ऑफिस और स्कुलो आदि जगहों में हमे कंप्यूटर आसानी से देखने को मिल जाता है क्योंकि कंप्यूटर आज के इस युग मे हम सभी लोगो की जरूरत बन गया है। आज हम लोग जिस कंप्यूटर का उपयोग करते है वो कई सारे वैज्ञानिकों की सालो की कड़ी महेनत का नतीजा है। उन सभी वैज्ञानिकों ने इस कंप्यूटर को इतना बहेतर बनाया है।

आज हम आपको इस आर्टिकल में कंप्यूटर क्या है ? (What is computer in hindi) और इसकी खोज किसने की ?, कंप्यूटर की कितनी पीढियां है ?, कंप्यूटर कितने प्रकार का होता है और कंप्यूटर कैसे सीखते है ? इसकी पूरी जानकारी विस्तार से देंगे तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर से पढ़े ।

Table of Contents

What is computer in Hind (कंप्यूटर क्या है ) –

What is Computer in hindi, कंप्यूटर क्या है

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन (यंत्र) है ये आपके निर्देशो के अनुसार काम करता है। कंप्यूटर हमे जानकारी देने के साथ साथ हमारा काम भी करता है। कंप्यूटर शब्द की उतपति ‘लेटिन’ भाषा के शब्द “computare” से लिया गया है. जिसका अर्थ Calculation करना या गणना करना होता है ।

कंप्यूटर आपके काम या निर्देश को पूरा करने के लिए ये तीन काम करता है । सबसे पहले आपके डाटा को इनपुट करता है, फिर उस डाटा को Procesing करता है और अंत में आपके डाटा को आउटपुट देता है।

ये तीन काम पूरे होते ही आपके द्वारा दिया गया काम या निर्देश पूरा हो जाता है और आपको आपका परिमाण दिखाई देता है। कंप्यूटर किसी भी काम को कैसे पूरा करता है इसे आप निचे दिए गए डायग्राम से समझ सकते है ।

Input Data → Processing → Output Data
हम उम्मदी करते है की What is computer in hindi या कंप्यूटर क्या होता है की ये जानकारी आपको पसंद आएगी।

कंप्यूटर की फुल फॉर्म (Full Form Of Computer) –

कंप्यूटर की फुल फॉर्म Commonly Operated Machine Particularly Used for Technical and Educational Research होती है।

Definition of computer in hindi (कंप्यूटर की परिभाषा) –

Defination of computer in hindi, कंप्यूटर की परिभाषा

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो कि प्रोग्राम के माध्यम से काम करती है। ये सबसे पहले हमने डाटा लेती है और उस डाटा को इनपुट करके फिर उस डाटा को प्रोसेस किया जाता है और उसके बाद हमे हमारा रिजल्ट दिखता है। कंप्यूटर बिना को गलती किये किसी भी काम को पूरा करता है।

ये सैंकड़ो संख्या को जोड़ना, गुणा करना, भाग देना आदि बहुत ही जल्दी कर लेता है, कंप्यूटर को हिंदी में संगणक, अभिकलक और अभिकलित्र कहते है।

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया ? –

सबसे पहले कंप्यूटर का अविष्कार Charles Babbage (चार्ल्स बब्बजे) ने सन 1837 में किया था। ये एक प्रसिद्ध Mathematics professor भी थे, और इन्हें Father of Computer (कंप्यूटर का पिता) कहाँ जाता है ।

चार्ल्स बब्बजे ने Analytical Engine (first mechanical computer) को डिजाइन किया था,इसे आज के modern computers में basic framework के रूप में काम मे लिया जाता है।

History Of Computer In Hindi ( कंप्यूटर का इतिहास ) –

History of computer in hindi, Generation of computer in hindi

कंप्यूटर का इतिहास बहुत ही बड़ा है क्योंकि कंप्यूटर कोई एक Single मशीन नही है, बल्कि ये बहुत सारी छोटी छोटी मशीनों से मिलकर बना हुआ होता है।

ये छोटी छोटी मशीने बहुत सारे वैज्ञानिकों की सालो की महेनत का नतीजा है। और इन मशीनों व कंप्यूटर के विकास को जानने के लिए कंप्यूटर को अलग अलग पीढ़ियों में बंटा गया है।

कंप्यूटर की पीढ़ियों ( Generations Of Computer in Hindi ) –

कंप्यूटर के विकास को सही तरीके से समझने के लिए ही कंप्यूटर को इन पांच पीढ़ियों ने बांटा मे गया है, जैसे जैसे इन पीढ़ियों ने बढ़ोतरी होती गई वैसे वैसे ही कंप्यूटर भी और अच्छे होने लगे। तो चलो अब बिना देरी किये कंप्यूटर की पीढ़ियों के बारे में जानते है।

1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी ( 1940-1956 ) –

जे. प्रेसपर एकर्ट और जॉन विलियम मौचली ने पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में सबसे पहले 1946 में ENIAC ( Electronic Numerical Integrator And Computer ) नामक कंप्यूटर को बनाया था। और यहाँ से ही कंप्यूटर की पीढ़ियों की शुरुआत हुई थी।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर आकर और साइज में बहुत बड़े होते थे और साथ इनकी स्पीड भी बहुत Slow होती थी। आकर और साइज में बड़े होने के कारण ये बहुत ज्यादा बिजली का उपयोग करते थे और साथ ही बहुत ज्यादा गर्म भी होते थे, इन कंप्यूटर्स की कीमत बहुत ज्यादा होती थी इसलिए हर देश के पास बस एक ही कंप्यूटर होता था।

पहली पीढ़ी में EDSAC (Electronic Delay Storage Automatic Calculator ), EDVAC ( Electronic Discrete Variable Automatic Computer ), यूनिवैक (UNIVAC – Universal Automatic Computer), एवं यूनीवैक – 1 आदि कंप्यूटर्स का निर्माण हुआ था । इन सभी कंप्यूटर्स में UNIVAC and ENIAC computers जैसी मशीनी भाषाओ का प्रयोग किया गया था।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर्स के लक्षण –
  • इनमे वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया गया था।
  • ये पंचकार्ड पर आधारित थे।
  • डाटा को संग्रहण करने के लिए मैग्नेटिक ड्रम का उपयोग किया गया था।
  • ये बहुत नाजुक और विश्वसनीय होते थे ।
  • ये बहुत ज्यादा गर्म होते थे इसलिए बहुत सारी एयर – कंडीशनरों का प्रयोग किया जाता था।
  • इनमे मशीनी भाषों का प्रयोग किया जाता था।

2. कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी ( 1956-1963 ) –

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर्स में वैक्यूम ट्यूब की जगह पर “ट्रांजिस्टर” (Transistor) किये जाने लगा था। और विलियम शॉक्ले (William Shockley) ने सन 1947 में इसका अविष्कार किया था। इस पीढ़ी के कंप्यूटर्स का उपयोग मुख्यतः न्यूक्लियर पावर प्लांट (Nuclear Power Plant) में किया जाता था। और इन कंप्यूटर्स में मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय टेप (Magnetic Tape) का इस्तमाल किया गया था।

इस पीढ़ी के कंप्यूटर्स आकर में छोटे, स्पीड में तेज व कम पैसे में मिलते थे और साथ ही कम ऊर्जा का उपयोग करते थे ।
दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर्स के लक्षण –
  • वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रॉजिस्टर का उपयोग किया गया था।
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर्स के आकार व साइज़ की अपेक्षा में छोटे थे।
  • ये कंप्यूटर्स कम ऊर्जा का उपयोग करते थे और ज्यादा तेज भी थे।
  • ये कम खर्चीले होते थे।
  • COBOL एवं FORTRAN जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओ का उपयोग किया गया।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम, प्रिंटर और संग्रहण डिवाइसों आदि का प्रयोग किया गया था।

3. कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी (1964 – 1971) –

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर्स में ट्रॉजिस्टर की जगह पर Integrated Circuit का उपयोग किया गया था जिसका अविष्कार टेक्सास इंस्ट्रमेंट कंपनी के एक कर्मचारी जैक किल्बी (Jack Kilby) ने किया था।

इसमे छोटे छोटे Transistors को एक silicon chip के अन्दर डाला गया था, जिसे Semi Conductor कहा जाता है। इनका सबसे बड़ा फायदा ये था, कि कंप्यूटर की processing करने की क्षमता पहले के मुकाबले काफी हद तक बढ़ गयी।

तीसरी पीढ़ी के ये ICL 2903, ICL  1900, UNIVAC 1108 और System 1360 प्रमुख कंप्यूटर्स थे। इस पीढ़ी के कंप्यूटर्स को ही सबसे पहले बाजार में बेचा गया था।

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर्स के लक्षण –
  • इनमे Integrated Circuit का प्रयोग किया गया ।
  • पहली व दूसरी पीढि़यों के मुकाबले आकार एवं वजन बहुत कम होते थे।
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर्स को बाजार में बेचे जाने लगा।
  • ये अधिक सटीक व विश्वसनीय होते थे।
  • ये पोर्टेबल होते थे और इनका रखरखाव करना आसान होता था।
  • उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओ का प्रयोग किया गया था।

कंप्यूटर की चतुर्थ पीढ़ी (1971-1985) –

इस पीढ़ी के सभी कंप्यूटर्स में Microprocessor का उपयोग किया गया था जिसमे हजारो Integrated Circuit को मिलाकर एक चिप बनाई गई थी, इसके कारण कंप्यूटर का बहुत ज्यादा कम हो गया था।

Microprocessor का उपयोग करने से इन कंप्यूटर्स की प्रोसेसिंग पॉवर बहुत ज्यादा बढ़ गई थी, जिसके कारण ये बहुत ही कम समय में बड़ी बड़ी कैलकुलेशन करने में सक्षम हो गया था।

 

मिट्स (MITS) नामक कम्पनी से सबसे पहले ALTAIR 8800 नामक माइक्रो कंप्यूटर का अविष्कार किया था, जिसमे बिल गेटस (Bill gates) ने बेसिक को स्थापित किया था

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर्स के लक्षण –
  • इनमे Micro प्रोसेसर तकनीक का उपयोग किया गया
  • इनका आकर और वजन भी बहुत कम होता था।
  • सामान्य वव्यक्ति आसानी से खरीद सकता था।
  • इनकी संग्रहण क्षमता भी बहुत ज्यादा होती थी।
  • इनकी स्पीड बहुत तेज होती थी।

कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी (1985 – अबतक ) –

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर्स को शुरुआत में ULSI (Ultra Large Scale Integration) तकनीकी से बनाया जाता था, पर जैसे जैसे तकनीकी का विकास हुआ वैसे वैसे ही कंप्यूटर्स को बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जाने लगा है।

वर्तमान में कंप्यूटर्स को Artificial Intelligence की तकनीकी से बनाया जाता है जिसके कारण इसमे इतनी क्षमता होती है की ये हम इंसानो की तरह किसी भी काम को करने के लिए निर्णय ले सकती है। इस तकनीकी के विकास से Speech recognition, Parallel Processing, Quantum Calculation आदि जैसी बहुत सारी तकनीकें हमारे सामने आयी है।

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर के लक्षण –
  • इनमे Ai तकनीक का उपयोग किया है । जिसके कारण ये खुद से निर्णय ले सकते है और हम इंसानो की तरह सोच सकते है।
  • ये आपको हर प्रकार की साइज में मिल जाते है।
  • इनका उपयोग लगभग सभी कार्यो में किया जाने लगा है।
  • इंटेरनेट की मदद से सभी कंप्यूटर्स एक दूसरे से जुड़े हुए है।
  • ये बहुत ज्यादा हल्के व पॉवरफुल होते है।
तो ये पाँच कंप्यूटर की पीढियां है और अभी भी कंप्यूटर को और बहेतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है।

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है ? ( Types Of Computer In Hindi ) –

Types of Computer in hindi, कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है

जैसे जैसे तकनीक का विकास होता गया वैसे वैसे कंप्यूटर और ज्यादा बहेतर होते चल जा रहे है और ये साइज और आकार में भी छोटे होते चले गए, और इनका अलग अलग रूपो में प्रयोग किया जाने लगा उसी आधार पर कंप्यूटर्स को अलग अलग प्रकारों में बंटा गया है।

scanner और कैलक्यूलेटर आदि सभी कंप्यूटर्स के अलग अलग प्रकार होते है जिनका खुद का अलग अलग उपयोग होता है, ये कंप्यूटर मुख्यत 4 प्रकार के होते है, जो कुछ इस प्रकार से है।

1. Desktop –
हम में से बहुत से लोग डेस्कटॉप कंप्यूटर का उपयोग अपने घर, स्कूल, ऑफिस या अपने पर्सनल काम को करने के लिए करते है। इनको कुछ इस प्रकार से बनाया हुआ होता है कि हम इसे अपनी टेबल पर रखते है और इसका उपयोग करने व कंट्रोल करने के लिए इसके Monitor, Keyboard, Mouse, कंप्यूटर Case आदि अलग अलग पार्ट्स होते है।
2. Laptop –
लैपटॉप के बारे में तो लगभग सभी लोग जानते होंगे, जो बैटरी की मदद से पॉवर लेकर चलता है। ये बहुत पोर्टेबल होता है, हम इसे कही पर भी आसानी से लेजा सकते है। ये डेस्कटॉप के जैसा ही काम करता है पर इंसमे डेस्कटॉप के जितनी पॉवर नही होती है।
3. Tablet –
टेबलेट भी एक तरह के कंप्यूटर ही होता है, इसको हम अपने हाथ मे आसानी से पकड़ सकते है इसलिए इन्हें Handheld कंप्यूटर भी कहा जाता है।
इसमे आपको एक टच स्क्रीन मिलती है जिसके कारण कीबोर्ड व माउस की जरूर नही पड़ती है। हम टच स्क्रीन की मदद कोई भी निर्देश बहुत आसानी से दे सकते है। ipad इनका सबसे बडिया उदाहरण है।
4. Servers –

आज हम लोग जो कुछ भी इंटरनेट पर देखते है या किसी भी फ़ाइल को इंटरनेट से डाउनलोड करते है वो सब सर्वर्स में स्टोर होती है, सर्वर कंप्यूटर का सबसे अच्छा उपयोग होता है जानकारी का आदान प्रदान करना।

 

सर्वर कंप्यूटर्स हमारे लिए बहुत उपयोगी होता है इनकी मदद से हम अपने पर्सनल डाटा को ऑनलाइन स्टोर कर सकते है और जब जरूरत होती है तब उसे वहाँ से डाउनलोड कर सकते है।

 

वैसे तो यही 4 कंप्यूटर का प्रकार होते है पर आज के इस युग मे हर एक इलेक्ट्रॉनिक वस्तु अपने आप मे एक कंप्यूटर ही है जैसे Smartphone, फिटनेस ट्रैकर्स, स्मार्टवॉच, Game Control, Smart Tv आदि सभी एक कंप्यूटर ही है।

आपने क्या सीखा (about computer in hindi) –

हम उम्मीद करते है कि What is computer in hindi, Computer Full form, कंप्यूटर का इतिहास, कम्प्यूटर की कितनी पीढियां है ?, कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है ? और कंप्यूटर की परिभाषा क्या होती है ? की पूरी जानकारी मिल गई होगी।

Computer details in hindi, Computer in hindi Computer in hindi, Computer kya hai Computer kya hai, Defination of computer Defination of computer, Generation of computer Generation of computer, History of computer History of computer, Types of computers
यदि कम्प्यूटर की जानकारी से सम्बंधित आपका कोई भी सवाल है तो आप हमें Comment (टिप्पणी) के माध्यम से पूछे सकते है हम आपको सवाल का जवाब जल्दी से जल्दी देने का प्रयास करेंगे ।
इस आर्टिकल को अपने दोस्तों व अपनी सोशल मीडिया पर जरूर से शेयर करे ताकि आपके दोस्तों को भी कंप्यूटर की पूरी जानकारी मिल सके।

Leave a Comment